याद तुम्हारी आती है
ghazalसावन की हर बारिश में, जब बिजलियां तड़तड़ती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है...
सावन की हर बारिश में, जब बिजलियां तड़तड़ती है, उस समय अकेलेपन में, मुझे याद तुम्हारी आती है...
दिखा जो दूर से हंसता हुआ मुझे, नजरे मिलाई तो रोता ही रह गया...
तू ना आई है मगर तेरी याद फिर से आ गई...
चाहा भी तू है मांगा भी तू है दिल की मेरी बस तू ही आरजू है...
हंसते थे खेलते थे मौजों में झूमते थे, होती थी शाम जब भी बगिया में घूमते थे...
हमारी रातों में क्यों अभी तक उसी की यादें मशाल रही है...
जीवन के विभिन्न पहलुओं पर आधारित चार शेर...